केदारनाथ से जुड़े 5 रोचक और रहस्मयी अनसुने तथ्य जिन्हें आप जरुर पढना चाहेंगे

श्री केदारनाथ धाम भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है| जहाँ देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है| आज हम केदारनाथ से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य आपके लिए लाये हैं जिन्हें आप जरुर पढना चाहेंगे|

1. भागने पर विवश हुए थे महादेव:

महाभारत के युद्ध के दौरान पांडवों की विजय तो जरुर हुई किन्तु श्री कृष्णा ने उन्हें बताया की अपने भाइयों के संहार करने के कारण उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति नहीं हो सकती ऐसे में उन्हें पापों से मुक्त केवल महादेव ही कर सकते है| पांडवों से भागते हुए बाबा वर्तमान के केदारनाथ पहुंचे थे  जहां उन्होंने बैल का रूप ले लिया किन्तु पांडवों ने उन्हें पहचान लिया उसके बाद ही वहां बाबा केदार का स्थान बन गया|

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2. 400 साल तक दबा रहा केदारनाथ मंदिर बर्फ के निचे:

13वीं से 17वीं शताब्दी तक हिमालय में अल्प शीत युग आया था जिसमे केदारनाथ मंदिर बहुत गहरी बर्फ के अन्दर दबा रहा, किन्तु मंदिर का कुछ भी ना हुआ| कुछ साल पहले हुई जल प्रलय में भी मंदिर को कुछ नहीं हुआ यह बाबा केदार का चमत्कार नहीं तो और क्या है? आज भी मंदिर पर ग्लेशियर के रगडने के निशान है| 18वीं शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य ने मदिर का जीर्णोद्धार करवाया|

3. पांडवों ने बनाया था एक और मंदिर:

जब अपनी स्वर्ग यात्रा के लिए पांडव केदारनाथ धाम में आये तो उन्होंने मंदिर के पीछे एक और मंदिर बनाया था, पांडवों में समूचे प्रदेश में कई मंदिर बनाये थे जो आज भी मौजूद हैं| लेकिन केदारनाथ धाम में बनाया पांडवों का मंदिर समय की मार नहीं झेल पाया और आज वहा वह मंदिर मौजूद भी नहीं है|

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4. केदारनाथ मंदिर बना है एक पत्थर से:

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केदारनाथ मंदिर 85 फीट ऊँचा, 187 फीट लम्बा और 80 फीट चौड़ा है| मंदिर की दीवारें 12 फीट चौड़ी है| हैरानी वाली बात तो यह है की मंदिर की दीवारें और छत एक ही पत्थर से बनी हुई हैं| पौराणिक समय में इतने बड़े पत्थर को इतनी ऊंचाई पर केसे ले जाया गया होगा और केसे उससे मंदिर बनवाया गया होगा यह वाकई अचम्भे वाली बात है| 

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5. यहाँ होता है 5 नदियो का संगम

केदारनाथ में 5 नदियों का संगम है| मान्यता है की मधु गंगा, मन्दाकिनी, शीर गंगा, सरस्वती और स्वर्ण गौरी का संगम यहाँ होता है| हालांकि मंदाकिनी नदी ही यहाँ दिखती है| मन्दाकिनी रुद्रप्रयाग में जा कर अलकनंदा में मिल जाती है| 2013 की त्रासदी भी मन्दाकिनी नदी से ही आई थी|

केदारनाथ मंदिर तीन तरफ से ऊँची पहाड़ियों से घिरा हुआ है| ऐसा माना जाता है की बद्रीनाथ के पास स्थित नर और नारायण पर्वत जब आपस में मिल जाएंगे तो बद्रीनाथ एवं केदारनाथ धाम हमेशा के लिए लुप्त हो जाएँगे| उसके बाद भविष्य बद्री और भविष्य केदार में धाम स्थापित होंगे|

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PRIYANSHU JAKHMOLA

A "not at all serious" engineer, a technophile and a philanthropist. Knows 'f' of "few", wants to share it and grow it. Loves travelling and loves pahadi food.

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